धर्म

Shree Krishna: यहाँ आज भी मौजूद है से गहरे राज

इस वन में कृष्ण करते हैं राधा का श्रृंगार, देखने वालों का होता है ये हाल

( PUBLISHED BY – SEEMA UPADHYAY )

देश में हर धार्मिक स्थल के बारे में कोई न कोई मान्यता होती है, जो बीते दिनों की कहानियां कहती है। ऐसी ही एक जगह है धार्मिक नगरी वृंदावन का निधिवन। यह स्थान अत्यंत पवित्र, धार्मिक और रहस्यमयी है। मान्यता है कि निधिवन में आज भी हर रात कृष्ण गोपियों के साथ रास गाते हैं। ऐसे में शाम को आरती के बाद निधिवन बंद कर दिया जाता है। इस जंगल में दिन में रहने वाले पशु-पक्षी भी शाम को निधिवन से निकल जाते हैं। माना जाता है कि इस दौरान अगर कोई यहां जाता है तो वह अंधा हो जाता है या उसका मानसिक संतुलन बिगड़ जाता है।

photo – @socialmedia
  • इस समय पूरा मथुरा होली के रंग में रंगा हुआ है. श्रीकृष्ण के भक्तों का इन दिनों तांता
    लगा हुआ है।
  • हालाँकि, निधिवन जो कृष्ण भक्तों से भरा हुआ करता था, शाम 7 बजे से खाली होने
    लगता है।
  • इस समय निधिवन से सैकड़ों बंदर भी निकलने लगे हैं। पूरा इलाका पक्षियों की
    चहचहाहट से गुंजायमान है।
  • क्योंकि इस समय राधा और कृष्ण के रास का समय होता है। लोगों का मानना ​​है कि इस
    रास को देखने वाले अंधे हो जाते हैं।
  • पंडित ब्रजवासी ने बताया कि निधिवन भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है।
    यहां भगवान कृष्ण और राधा ने श्रृंगार किया था और हर रात बांके बिहारी मंदिर से
    निकलकर यहां आते हैं। इस दौरान कुछ नहीं होता है।
  • यहां वृक्ष रूपी मुनि रहते हैं, जो रात्रि में गोपियां बनकर प्रभु के साथ रास में भाग लेते हैं।
    शाम को आरती के बाद निधिवन बंद कर दिया जाता है। यहां कोई नहीं होता है।
photo – @socialmedia

क्या है मान्यता 

  • माना जाता है कि अब तक जिसने भी यहां झांकने की कोशिश की, वह बाद में कुछ भी बताने की हालत में नहीं था।
  • इस स्थान पर एक कुआं है। मान्यता है कि जब राधा को प्यास लगी तो कृष्ण ने अपनी बांसुरी से जमीन खोदकर इसे बनाया था।
  • उसके बाद राधा ने बांसुरी चुरा ली। यहां बांसुरी चोर राधा का भी मंदिर है।
  • निधिवन की धार्मिक आस्था को देखते हुए पर्यटन विभाग ने इस जंगल की सच्चाई को एक बड़े शिलालेख में लिखवाया है।
  • इसके अनुसार निधिवन संगीत सम्राट रसिक शेरवार स्वामी हरिदास जी की साधना स्थली रहा है। यहां कई आचार्यों की समाधि भी हैं।
  • स्वामी हरिदास जीवन भर इसी वन में रहे। जनभावना है कि कृष्ण-राधा ने यहां कई रास किए।
  • प्रचलित मान्यता है कि यहां बांके बिहारी जी का प्राकट्य हुआ है। यहां एक कुंज से उनके देवता प्रकट हुए।
  • मान्यता है कि इसी के पास स्थित रंग महल में कृष्ण की नित्य बिहार लीला होती है।
  • इस जंगल में हीललिता कुंड है। ऐसा माना जाता है कि मुगल सम्राट अकबर ने तानसेन के साथ यहां स्वामी हरिदास का दर्शन किया था।

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