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अरपा भैंसाझार,शिव घाट और पचरी घाट में बरस रहा लूटखोरों का कहर

अरपा भैंसाझार,शिव घाट और पचरी घाट में बरप रहा है लूटखोरों का कहर

(PUBLISHED BY – SEEMA UPADHYAY)

छत्तीसगढ़ : बिलासपुर की जीवन दायिनी नदी अरपा और पुरे तीन विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित होने वाली यह नदी अरपा भैसाझार परियोजना के मुख्य नहर से निकलने वाली सब नहर( लगभग छोटी-छोटी नहर) लगभग 3 दर्जन के आसपास छोटी नहर जिनका काम आज तक शुरू ही नहीं हुआ और उनके पैसे भी अरपा भैंसाझार के भस्मासुर रूपी ठेकेदार के द्वारा मुख्य अभियंता और कार्यपालन अभियंता की मिलीभगत से निकाल कर भस्म कर दिया गया है।

Chhattisgarh : The river Arpa, the life-giving river of Bilaspur and this river, which has proved to be a boon for the farmers of the entire three assembly constituencies. It has not even started till today and their money has also been consumed by the contractor of Bhansmasur of Arpa Bhainsajhar with the connivance of the Chief Engineer and the Executive Engineer.

जिसमें 10 करोड़ से ज्यादा के भ्रष्टाचार की आशंका है। इसी तरह बिलासपुर के शिव घाट और पचरी घाट में भस्मासुर ठेकेदार द्वारा जहां दीवार से डाय फ्रॉम वाल लगाई गई है, जहां जमीन के अंदर 11 से 12 मीटर अंदर जाना चाहिए था, वहां सिर्फ 5 से 6 मीटर ही डाला गया है, यहां तक ​​की मिलीभगत से मुख्य अभियंता और कार्यपालक अभियंता करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है.

In which there is a possibility of corruption of more than 10 crores. Similarly, in Shiv Ghat and Pachri Ghat of Bilaspur, where the Die from wall has been installed by the Bhasmasur contractor, where 11 to 12 meters should have gone inside the ground, only 5 to 6 meters have been put there, even Corruption of crores of rupees has happened with the connivance of Chief Engineer and Executive Engineer.

ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों की सीबीआई से जांच होनी चाहिए। खैर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ईडी के रडार में होने की जानकारी मिल रही है. और ऐसे भ्रष्ट भस्मासुर rapist ठेकेदार को काली सूची में डालना चाहिए, अब ईडी ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों की जानकारी ले रहा है। उक्त भैंसाझार परियोजना की प्रारंभिक लागत 666 करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान में 12 सौ करोड़ हो गई है। जिसमें ठेकेदारों और अधिकारियों की मिलीभगत से एक सौ करोड़ से अधिक के भ्रष्टाचार की जानकारी मिल रही है.

There should be a CBI inquiry into the work done by such corrupt officials and contractors. Well, according to the information received from the sources, information is being received about being in the radar of ED. And such corrupt Bhasmasur rapist contractor should be blacklisted, now ED is taking information of such corrupt officials and contractors. The initial cost of the said Bhainsajhar project was Rs 666 crore, which has now increased to Rs 12 hundred crore. In which information about corruption of more than one hundred crores is being received with the connivance of contractors and officials.

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