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जानिये भारतीय फुटबॉल के नए संविधान का मसौदा

( published by – Seema Upadhyay )

अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के नए संविधान का मसौदा अनुमोदन के लिए उच्चतम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। इसे प्रशासकों की समिति (सीओए) ने तैयार किया है। एआईएफएफ ने शनिवार को एक बयान में कहा कि उसे शुक्रवार को शीर्ष अदालत में पेश किया गया। एआईएफएफ के कार्यवाहक महासचिव सुनंदो धर ने कहा, “विभिन्न हितधारकों के साथ लंबी चर्चा के बाद, एआईएफएफ के संविधान का मसौदा आखिरकार अदालत को सौंप दिया गया है।

धर ने कहा, “मैं इस प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं और उम्मीद करता हूं कि नए संविधान के साथ हम भारतीय फुटबॉल के विकास के साथ आगे बढ़ सकते हैं।”

शीर्ष अदालत ने इस साल 18 मई को सीओए की नियुक्ति की थी, जिसमें न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अनिल आर दवे, भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ एसवाई कुरैशी और भारत के पूर्व कप्तान भास्कर गांगुली शामिल थे। शीर्ष अदालत ने सीओए को संविधान को अपनाने की सुविधा के लिए मतदाता सूची तैयार करने और एआईएफएफ चुनाव जल्द से जल्द कराने का निर्देश दिया था।

सीओए ने संविधान तैयार करने के लिए 150 घंटे से अधिक समय तक काम किया है और राज्य संघों, फीफा, एएफसी, आईएसएल और आई-लीग क्लबों सहित एआईएफएफ के सभी हितधारकों से बात की है और सुझावों पर विचार किया है। तीन दिन पहले सीओए ने फीफा को संविधान का अंतिम मसौदा भेजा था।

फीफा-एएफसी टीम ने इसके लिए सख्त समय सीमा तय की थी। इसके बाद सीओए ने तेजी से काम कर संविधान तैयार किया है। कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने समय पर चुनाव नहीं कराने पर एआईएफएफ की प्रफुल्ल पटेल के नेतृत्व वाली सरकार को हटा दिया था।

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