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Engineer’s Day 2022

भारत रत्न प्राप्त करने वाले व्यक्ति की कहानी, जिसके नाम पर मनाया जा रहा है इंजीनियर्स डे

PUBLISHED BY : Vanshika Pandey

हमारे देश और समाज को आगे बढ़ाने में इंजीनियरों का बहुत बड़ा योगदान है। उनके सहयोग के बिना किसी भी देश के लिए आगे बढ़ना मुश्किल है। यही कारण है कि इंजीनियरों को सम्मानित करने के लिए विश्व इंजीनियर दिवस मनाया जाता है। आपको बता दें कि यह खास दिन भारत के महान इंजीनियर मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया की याद में मनाया जाता है।

एम. विश्वेश्वरैया का योगदान

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में बहुत योगदान दिया। एम विश्वेश्वरैया केवल एक इंजीनियर ही नहीं बल्कि एक कुशल राजनीतिज्ञ भी थे। उन्होंने कई कामों में अपने इंजीनियर का इस्तेमाल किया और साबित किया कि कैसे हमारे व्यावहारिक ज्ञान का हर जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। विश्वेश्वरैया ने जलापूर्ति और बांधों के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया है। मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया को 1907-08 में यमन भेजा गया था। जहां उन्होंने अदन में एक बेहतरीन प्रोजेक्ट तैयार कर अपना जज्बा दिखाया। कृष्ण सागर की तरह, मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया ने देश के कई प्रमुख बांधों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जिससे देश की कृषि और अर्थव्यवस्था को भी फायदा हुआ।

क्यों मनाते हैं?

15 सितंबर वह तारीख है जब महान भारतीय इंजीनियर मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। 1968 में, भारत सरकार ने इंजीनियरों के सम्मान में 15 सितंबर को मनाने की घोषणा की थी, तब से हर साल इस तारीख को इंजीनियरों को सम्मानित करने के लिए विश्व इंजीनियर दिवस मनाया जाता है। यह दिन न केवल इंजीनियरों को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है बल्कि प्रशिक्षु इंजीनियरों को भविष्य में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रेरित करने के लिए भी मनाया जाता है।

मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को सम्मान

उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए 1955 में मोक्षमुंडम विश्वेश्वरैया को भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। विश्वेश्वरैया को तब 50 वर्षों के लिए लंदन इंस्टीट्यूशन ऑफ सिविल इंजीनियर्स की मानद सदस्यता से भी सम्मानित किया गया था।

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